पूर्व राज्यपाल कोश्यारी का हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में नागरिक अभिनंदन
श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में मंगलवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तथा महाराष्ट्र एवं गोवा के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किए जाने के उपलक्ष्य में भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।
इस दौरान अपने संबोधन में पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि पद्मभूषण सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की जनता का सम्मान है। यह कार्यक्रम उनके अभिनंदन से अधिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करने का अवसर होना चाहिए, जिनके नेतृत्व में देश निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है।
कोश्यारी ने कहा कि वर्ष 2013 में राजनीति से संन्यास लेने के बाद जब उनके नाम पर राज्यपाल पद के लिए विचार हुआ था, तब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा था कि उन्हें राज्यपाल बनना चाहिए क्योंकि यह राज्य के लिए गौरव की बात होगी। जबकि हरीश रावत उनके धुर विरोधी थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर अग्रणी देशों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

उन्होंने प्रधानमंत्री के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें केदारनाथ से उन्होंने कहा था कि अगला दशक उत्तराखंड का होगा। कोश्यारी ने कहा कि राज्य सरकार और ग्रामीण समाज इसी संकल्प को साकार करने में जुटे हैं। आज प्रदेश के गांवों में लोग फल, सब्जियां और स्थानीय उत्पाद बेचकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के चलते पलायन की प्रवृत्ति में कमी आई है और लोग पुनः अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं।
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पद्मभूषण से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी के सार्वजनिक जीवन, सामाजिक योगदान और उत्तराखंड के विकास में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोश्यारी का जीवन जनसेवा, सादगी और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी भारतीय राजनीति में सादगी, ईमानदारी और जनहित के मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब राजनीति में नैतिक मूल्यों की चर्चा होती है, तब कोश्यारी का व्यक्तित्व एक आदर्श के रूप में सामने आता है। उनके सार्वजनिक जीवन से युवाओं और जनप्रतिनिधियों को समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
इस मौके पर केंद्रीय संस्कृत विवि श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग के निदेषक प्रो. पीबी सुब्रमण्यम, गोविंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुडदौड़ी के निदेषक प्रो. विजय बंगा, राजीकय मेडिकल काॅलेज श्रीनगर के प्राचार्य प्रो. आशुतोष सयाना, गढ़वाल विवि के कुलसचिव प्रो. वाईपी रैवानी, एनआईटी उत्तराखंड के कुलसचिव डॉ हरि मौल आजाद, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी गुसांई, अभिनंदन समिति के अध्यक्ष प्रो. धन सिंह बिष्ट, प्रो. एमएस पंवार सहित आदि मौजूद थे।





