उत्तराखण्ड

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना रघुवीर के लिये बनी जी का जंजाल

  • छह माह से स्वयं के संसाधनों से बैंक की किश्त चुका रहा बेरोजगार युवक

चमोली: राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना देवग्राम गावं के रघुवीर के लिये जी का जंजाल बन गई है। रघुवीर की ओर से छह माह पूर्व लगाये गये सोलर प्लांट का वर्तमान तक उरेड़ा और ऊर्जा निगम की ओर से ग्रिड पर संयोजन नहीं किया गया है। ऐसे में युवक अब स्वयं के संसाधनों से बैंक ऋण की किश्त चुकाने को मजबूर है।

बता दें, राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत उरेड़ा की ओर से सोलर प्लांट लगा कर ऊर्जा निगम से समंवय कर उत्पादित विद्युत की बिक्री की व्यवस्था करनी है। जिसके तहत उर्गम घाटी के देवग्राम गांव निवासी रघुवीर सिंह नेगी ने विभागीय नियमों के अनुसार 10 लाख का बैंक ऋण लेकर अपनी नाप भूमि पर 20 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट मार्च माह में स्थापित किया। लेकिन छह माह बाद भी विभागीय अधिकारियों ने प्लांट का संयोजन ग्रिड से नहीं किया है। जिससे युवक बैंक ऋण का भुगतान स्वयं के संसाधनों से करने को मजबूर हैं।

रघुवीर का कहना है कि विभाग की ओर से पूर्व महज प्लांट स्थापित करने के लिये निर्देश दिये गये थे। लेकिन अब कई प्रकार के प्रमाण पत्रों को बनवाने के नाम पर प्लांट को ग्रिड से नहीं जोड़ा जा रह है। जिसे लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई न होने पर आत्महत्या करने की बात कही है।

देवग्राम में रघुवीर नेगी की ओर से वर्तमान तक विभाग को प्लांट का सुरक्षा प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिसके चलते वर्तमान तक प्लांट का ग्रिड से संयोजन लंबित है।
सौरभ कुमार, परियोजना अधिकारी उरेड़ा, चमोली।

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