उत्तराखण्ड

आपदा के डेढ़ वर्ष बाद भी ट्राली के सहारे आपदा प्रभावित

चमोली : जिले के आपदा प्रभावितों के जीवन को पटरी पर लाने के सरकारी दावे नीति घाटी के जुआ-ग्वाड़ गांव में जमीनी हकीकत बयां कर रहा है। तपोवन आपदा के दौरान धौली गंगा के बहाव में गांव को बाहरी दुनिया से जोड़ने वाला पैदल पुल बह गया था। जिसके बाद से अभी तक गांव के 30 परिवारों के ग्रामीण ट्राली के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। ऐसे में यहां ग्रामीणों को निर्माण सामग्री ले जाना जहां चुनौती बना हुआ है। वहीं शादी और अन्य निजी आयोजनों के लिये जोशीमठ जाना पड़ रहा है। जिससे ग्रामीणों को खासा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इधर, लोनिवि के अधीकारियों का कहना है कि धौली गंगा पर तीन पुलों के निर्माण का वित्तीय प्रस्ताव स्वीकृति के लिये शासन में भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही पुलों का निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा।

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