उत्तराखण्ड

भारतीय सैन्य इतिहास वीरता, सम्मान और साहस के उदाहरणों से भरा है: राज्यपाल

वेल्हम ब्वायज स्कूल में आयोजित किया गया मिलिट्री हिस्ट्री सेमिनार

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने गुरूवार को वेल्हम ब्वायज स्कूल में आयोजित मिलिट्री हिस्ट्री सेमिनार का उद्घाटन किया। इस सेमिनार में अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेनि) भी उपस्थित रहे। दो दिवसीय इस सेमिनार में देश भर के 38 स्कूलों के छात्रों और कई पूर्व सैन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।


सेमिनार के प्रथम सत्र को बतौर मुख्य अतिथि शुभारंभ करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि प्रत्येक देशवासी को भारत के सैन्य इतिहास को जानना और समझना जरुरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय सैन्य इतिहास वीरता, सम्मान और साहस के उदाहरणों से भरा पड़ा है। भारतीय सैन्य जवानों ने अपनी बहादुरी और पराक्रम के बल-बूते कई युद्धों में दुश्मनों को हमेशा ही करारा जवाब दिया है। इन युद्धों में हमने अपने कई वीर जांबाजों को भी खोया है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने वीर योद्धाओं के पराक्रम और उनके बलिदान को जानना बहुत जरूरी है।


राज्यपाल ने वेल्हम व्वायज स्कूल की इस पहल के लिए सराहना की और अन्य स्कूलों में भी इस तरह के सेमिनार और कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे बच्चे हमारे सैन्य इतिहास के गौरवशाली पलों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सैन्य इतिहास की जानकारी रणनीतिक रूप से मजबूत करने में भी सहायक है। राज्यपाल ने छात्रों को पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों के साथ-साथ विभिन्न युद्धों सहित सैन्य सेवा के दौरान अपने अनुभवों को साझा किया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि हमें अपना आत्म मूल्य (सेल्फ वर्थ) को जानना बहुत जरूरी है। भारत विकसित और विश्वगुरु भारत की ओर अग्रसर है। उन्होंने छात्रों से अमृतकाल के इस समय में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे प्रत्येक कार्य को हमेशा लगन और परिश्रम के साथ करें और हर कार्य में अतिरिक्त प्रयास लगाएं। उन्होंने बच्चों को अपने संचार कौशल को भी बेहतर करने का आह्वान किया।
स्कूल के चेयरमैन दर्शन सिंह ने अवगत कराया कि मिलिट्री हिस्ट्री सेमिनार का यह 7वां संस्करण है। उन्होंने बताया कि भारतीय सैन्य इतिहास के बारे में स्कूली बच्चों को जानकारी हो और वे अपने सशस्त्र बलों के गौरवशाली पलों की जानकारी से भिज्ञ हों इसी उद्देश्य से यह सेमिनार आयोजित किया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से स्कूलों को अपने पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में अपनाया जाना चाहिए। इस अवसर पर पैनल चर्चा भी की गई जिसमें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि), स्कूल के चेयरमैन दर्शन सिंह ने प्रतिभाग किया। इस पैनल में मॉडरेटर के रूप में सैन्य इतिहासकार शिव कुणाल वर्मा मौजूद रहे।

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share