उत्तराखण्ड

कुसुम कंडवाल बोलीं, पीड़ित महिलाएं खुलकर करें शोषण का विरोध

महिला स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराने की पहल का कंडवाल ने किया स्वागत

सभी विभागों में आईसीसी कमेटी जल्द गठित करने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने आज अपने कार्यालय से माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार संचालित ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ का स्वागत करते हुए कहा कि यह बहुत ही सराहनीय कदम है।

कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उन उत्पादों की अच्छी बिक्री हो और हमारी बहने सशक्त हो इस उद्देश्य से मुख्यमंत्री का यह फैसला बहुत ही सराहनीय है।

 

उन्होंने बताया कि समूहों की बहनों के साथ समय समय पर वो स्वयं मिलकर उनके कार्यों का अवलोकन करती रहती है और उनके लिए हर संभव सहायता के लिए तैयार रहती है। आज हमारी समूहों की बहनें हर प्रकार की आवश्यकता का सामान तैयार कर रही है ओर त्यौहारों पर विशेष सामान महिलाओं द्वारा बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर महिला आयोग की अध्यक्ष ने सभी से अपील भी की है कि त्योहारों एवं विशेष पर्वों पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये स्थानीय उत्पादों को अवश्य खरीदें। ये उत्पाद हमें हमारी संस्कृति व जड़ों से जोड़ने का काम भी करते हैं।

‘वोकल फॉर लोकल’ से जहां हमारे उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय स्तर पर महिलाओं की आजीविका भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में विशेष प्रयास व सराहनीय कार्य हो रहे हैं।

वहीं कार्यालय से आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने महिलाओं को संदेश दिया है कि कोई भी महिला अपने ऊपर होने वाले शोषण को सहन न करें महिला अपनी बात खुलकर रखे और किसी भी प्रकार के शोषण का विरोध करने में हिचके नही। साथ ही आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि महिला आयोग महिलाओं के साथ पूरी तरह निष्पक्षता के साथ खड़ा है।

उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की महिला कर्मचारियों की शिकायत आयोग को प्राप्त होती है कि उनके साथ दुर्व्यवहार होता है तो कही उनका मानसिक शोषण किया जाता है। जिसकी कोई सुनवाई नहीं होती है।

जिस पर महिला आयोग की अध्यक्ष ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वो अपने अपने जिलों में इस बात की निगरानी भी करें कि सभी विभागों में आईसीसी कमेटी अवश्य बनी हो, और वो महिला कर्मचारियों के किसी भी प्रकार के शोषण की शिकायत का समाधान निष्पक्षता से करें।

अन्यथा आयोग द्वारा विभागों के अधिकारियों को तलब किया जाएगा। जिन जिन विभागों में आईसीसी कमेटी नही बनी हो वह शीघ्रता से कमेटी का गठन करें और किसी भी कर्मचारी की शिकायत का तत्काल निवारण करें। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी किसी भी शिकायत को राज्य महिला आयोग के नंबर 8126774374 या [email protected] पर भी भेज सकती है।

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