उत्तराखण्ड

घोडे, खच्चरों की मौत पर कार्रवाई करें अधिकारी-महाराज

रूद्रप्रयाग: चार धाम यात्रा को लेकर सतपाल महाराज ने रुद्रप्रयाग में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने पशु पालन विभाग के अधिकारियों को घोड़े व खच्चरों की मौत पर संचालकों की जिम्मेदारी तय कर पशु क्रूरता अधिनियम में कार्रवाई करने निर्देश दिये। वहीं उन्होंने अधिकारियों के फोन न उठाने के रवैये पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को काॅल उठाने की हिदायत दी। कहा कि अधिकारियों की लापरवाही से तीर्थयात्रियों को असुविधा होने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कोविड लोगों के फेफड़ों को अधिक प्रभावित किया है। ऐसे में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते स्वास्थ्य विभाग यात्रा मार्गों में ऑक्सीजन व उपचार की समुचित व्यवस्था करें। वहीं उन्होंने यात्रियों सेयात्रा पर जाने से पूर्व स्वास्थ्य की जाँच करवाने की बात कही है। पर्यटन मंत्री ने चार धाम मार्गों पर घोड़े व खच्चरों की मौत को भी गंभीरता से लिया। पशुपालन विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि घोड़े-खच्चरों को उचित आराम और चारा दिया जाए। साथ ही उन्होंने घोड़े-खच्चरों की मौत के लिए उनके मालिकों पर भी जवाबदेही तय करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों के आगमन पर प्राथमिकता देने का सुझाव दिया, जिन्होंने पहले ही चारधाम के लिए होटल और अन्य बुकिंग कर ली है। उन्होंने यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी असुविधा से बचने के लिए यात्रा मार्ग के बीच में रोकने के बजाए तीर्थयात्रियों को पहले ही पड़ाव पर रोका जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सचिव से फोन पर वार्ता कर निर्देश दिए कि केदारनाथ यात्रा मार्गो पर पर्याप्त संख्या में जेई और अन्य अधिकारी तेनात किये जायें। उन्होने यात्रा मार्ग पर बने वैकल्पिक मार्ग और निर्माणाधीन पुलों का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश देने के साथ ट्रेक रूटों की रेलिंगों को भी जल्द सही करने के निर्देश दिए। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर से बात कर पंजीकरण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। जिससे तीर्थयात्रियों को पंजीकरण कराने साथ ही अन्य जानकारी भी मैसेज में प्राप्त हो जाए। इसके अलावा उन्होने यात्रा ट्रेक और केदारनाथ मंदिर के आसपास शीघ्रता से तीर्थयात्रियों के लिए टीन शेड भी बनाए जाने के निर्देश दिए। जिससे बारिश के दिनों में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना ना करना पड़ेगा। पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को यात्रा के दौरान होने वाली तीर्थयात्रियों की मौत के बाद शव को उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने में आ रही दिक्कतों का समाधान करने के निर्देश दिए।

बैठक में रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चैधरी, बदरी केदार समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, डीएम मयूर दीक्षित, भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल, महावीर पंवार, उमा आर्य, सतेन्द्र बर्त्वाल, बुद्धि बल्लभ थपलियाल, पंकज कपरवान, सुरेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share