अंतर्राष्ट्रीय

राष्ट्र और जनहित को सर्वोपरि रख कर समाज के बेेहतरी के लिए कार्य करें: राज्यपाल

ऋषिकेश।  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने गुरुवार को ऋषिकेश में राष्ट्रीय सैनिक संस्था द्वारा गौरव सेनानियों और देशभक्त नागरिकों के अभिनंदन और संकल्प कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। दो दिवसीय अभिनंदन कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों के सदस्यों द्वारा विद्यालयों में चरित्र निर्माण के लिए सैनिक प्रशिक्षण विषय पर चर्चा की।
कार्यक्रम में अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय सैनिक संस्था मेरा प्राथमिक परिवार है। सभी पूर्व सैनिक मेरे इसी परिवार के सदस्य हैं। राष्ट्रभक्ति की भावना से प्रेरित यह संस्था हमारे असंख्य गौरव सैनानियों और देशभक्त नागरिकों को एकता के सूत्र में जोड़ रहा है। इस परिवार का सदस्य होना हर एक के लिए गर्व की बात है।


राज्यपाल ने कहा की राष्ट्र निर्माण एवं चरित्र निर्माण का संदेश परमार्थ और मां गंगा के तट से पूरे समाज तक जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें यह सोचना होगा कि पूरे राष्ट्र चरित्र निर्माण में हम किस प्रकार अपना योगदान दे सकते हैं। हमें राष्ट्र और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के लिए बेहतर कार्य करना होगा।

राज्यपाल ने कहा कि चरित्र निर्माण की जिम्मेदारी परिवार से प्रारंभ हो जाती है और इसके पश्चात स्कूलों में चरित्र निर्माण की जिम्मेदारी रहती है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में प्रारंभिक चरित्र निर्माण पर जोर दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बड़ी खुशी का विषय है कि राष्ट्रीय सैनिक संस्था ने प्रारंभिक सैनिक प्रशिक्षण और चरित्र निर्माण हेतु एक सिलेबस तैयार किया है और उस पर आधारित आधा दर्जन कोर्स भी संचालित किए है।


राज्यपाल ने कहा की  विश्व गुरु के रूप में भारत की परिकल्पना हमारे राष्ट्रीय चरित्र के विकास से ही पूरी होगी। अमृत काल में यह हमारे एजेंडे की बुनियाद होनी चाहिए। इसी राह पर चलकर भारत का राष्ट्रीय चरित्र तैयार होगा। उन्होंने कहा कि देश के लोगों में राष्ट्रीय चरित्र का विकास करके ही राष्ट्रीय एकीकरण के उद्देश्य की प्राप्ति हो सकती है।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने उत्तरकाशी के सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में टनल की खुदाई में अहम भूमिका निभाने वाले रैट माइनर्स को सम्मानित किया। इसके उपरांत राज्यपाल माँ गंगा आरती में भी शामिल हुए।


कार्यक्रम के अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, साध्वी सरस्वती, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रविंद्र पुरी, जैनाचार्य डॉ. लोकेश मुनि, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी, राजन छिब्बर, लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी कुमार बक्शी (रि.), लेफ्टिनेंट जनरल शक्ति गुरुंग (रि.), एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय, संस्था के अध्यक्ष कर्नल टी.पी. त्यागी (रि.), कर्नल एम.के. शर्मा (रि.), गौरव सेनानी राजेंद्र बगासी, गौरव सेनानी पी.पी. सिंह, करनल के.के. एस. माकेन, गौरव सेनानी बी.पी. शर्मा आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share