उत्तराखण्ड

गंगोत्री धाम के कपाट 14 को, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट भाईदूज पर शीतकाल के लिए होंगे बंद

दशहरे पर तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि 

देहरादून। केदारनाथ धाम के कपाट 15 नवंबर को भैया दूज के अवसर पर शीतकाल के लिए बंद कर दिये जायेंगे। इसी दिन यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद किये जायेंगे। जबकि एक दिन पहले अन्नकूट पर्व के अवसर पर 14 नवंबर को गंगोत्री धाम के कपाट बंद करने की तिथि तय की गयी है। बदरीनाथ धाम, द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद करने की तिथि दशहरे के दिन तय की जायेगी।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट परंपरागत रूप से भैया दूज बुधवार 15 नवंबर को शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद हो जायेंगे। यहां से भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव मूर्ति शीतकालीन प्रवास श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी, जहां शीतकाल के छह माह तक केदारबाबा की पूजा की जायेगी।

इसी तरह से यमुनोत्री धाम के कपाट भाईदूज के अवसर पर अभिजीत मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद कर दिये जायेंगे। कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की उत्सव डोली अपने शीतकालीन स्थल खुशीमठ (ख्ररसाली) के लिए प्रस्थान करेगी। शाम के समय मां यमुना की डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल पर पहुंच जायेगी जहां अगले छह माह तक मां यमुना की पूजा-अर्चना की जायेगी।

शारदीय नवरात्र के पहले दिन गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि और मुहूर्त तय किये गये। 14 नवंबर को अन्नकूट के पावन पर्व के अवसर पर अभिजीत मुहूर्त में 11:45 पर गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति एवं तीर्थ पुरोहितों ने धाम के कपाट बंद होने की तिथि और मुहूर्त तय की।

श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि 14 नवंबर को कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली अपने मायके मुखीमठ मुखवा के लिए प्रस्थान करेगी। रात्रि निवास भैरव घाटी स्थित देवी मंदिर में होगा और 15 नवंबर को भाईदूज के अवसर पर मां गंगा की उत्सव डोली अपने मायके मुखीमठ में पहुंचेगी। जहां अगले शीतकाल के लिए 6 महीने मां गंगा की पूजा मुखवा स्थित गंगा मंदिर में होगी।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजय दशमी के अवसर पर 24 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम में तय की जायेगी। विजय दशमी को ही द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट बंद होने की तिथि श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में तय की जायेगी। तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की तिथि शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कंडेय मंदिर मक्कूमठ में तय की जायेगी।

कपाट बंद होने की तिथि घोषित करने के लिए श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में धार्मिक समारोह आयोजित किया जायेगा। जिसमें बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय की उपस्थिति में रावल एवं धर्माधिकारी पंचांग गणना करने के बाद कपाट बंद होने के शुभ मुहूर्त की घोषणा करेंगे। बदरीनाथ धाम में कपाट बंद होने की तिथि तय करने के कार्यक्रम समारोह में यात्रा वर्ष 2024 के लिए मंदिर भंडार की जिम्मेदारी के तहत मंदिर समिति द्वारा हकहकूक धारियों को पगड़ी भेंट की जायेगी।

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